• Kanika Chauhan

बोनसाई के साथ शौक को बनाए कमाई का जरिया


चाहे आप युवा हो या बुजुर्ग, महिला हो या पुरुष, अगर आप हरे-भरे माहौल को पसंद करते है और चाहते है कि इन्हीं बाग़-बगीचों से आपको शौख के साथ पैसे भी मिलने लगे, तो आज यह संभव है | जापान से निकली बोनसाई तकनीक को लगभग दुनिया के हर कोने पसंद किया जाने लगा है और भारत में तो इसके चाहने वालों की तादाद दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है | यह एक ऐसी तकनीक है जो न सिर्फ युवाओं,बुज़ुर्गों को रोज़गार उपलब्ध कराती है बल्कि उनके मनोरंजन के लिए भी एक उम्दा माध्यम साबित हो चुकी है | पार्ट टाइम या फुल टाइम व्यवसाय के रूप में बोनसाई तकनीक का चयन एक बेहतरीन विकल्प है |

क्या है बोनसाई ?

छोटे या बौने पेड़ -पौधे जिन्हें बहुत ही छोटे पात्रों,अमूमन गमलों,पौटो या प्लेटों में लगाया जाता है | ees तकनीक का इस्तेमाल करके बड़े आकर के पेड़-पौधों को छोटा कर गमलों में उगने लायक बनाया जाता है | इस तकनीक में न सिर्फ सजावटी पौधे बल्कि इसमें हर तरह के फलदार वृक्षों का चयन किया जाता है| अनार, आम, अमलताश, अमरूद, आकाशनीम से लेकर आंवला, बरगद, बॉटब्रूश, संतरा, सेमल, गूलर, गुलमोहर, पीपल, जकरेण्डा, लीची, चीड़, नीम, नींबू,ओक, बेर, बर्च, देवदार, फर, नाशपति, सेमल, चमेली, बोगनवेलिया आदि तक इस तकनीक से उगाया जाता है |

नयी संभावनाएं

घर बैठे अगर आपकी रूचि हरे-भरे वातावरण से घर को सजाने की है तो बोनसाई का व्यवसाय आपके लिए कई संभावनाओं के द्वार खोल देता है | चाहे आप रिटायर्ड पुरुष या महिला हो , हाउस वाइफ हो या युवा, सभी के लिए यह एक सम्पूर्ण अवसर प्रदान करता है | आप विभिन्न तरीके की बोनसाई तैयार कर न सिर्फ इसे मार्केट में बेच सकते है बल्कि इसकी ट्रेनिंग देकर या इसे नर्सरी का रूप देकर लाखों कमा सकते है | बोनसाई का बाजार न सिर्फ भारत में है बल्कि इसे आप ऑनलाइन भी एक्सपोर्ट कर सकते है | अपने घर में बोनसाई पौधों का एक मिनी म्यूज़ियम बनाकर आप आपने पास-पड़ोस साथ ही बच्चों-बड़ो को आकर्षित कर सकते है | यह काम आपको न सिर्फ नयी उर्ज़ा से भर देगा बल्कि इसे करते हुए आप एक रोमांचक जादुई दुनिया का अनुभव भी करने लगेंगे | इस काम को शौक़िया,पार्ट या फुल टाइम व्यवसाय के रूप में अपनाया जा सकता है | आने वाले दिनों में इस ओर रुझान वाले युवाओं के लिए एक नया करियर विकल्प होगा | इसे अपनाकर आप एक सफल ग्रीन एन्टरप्रेन्योर भी बन सकते है |

कैसे तैयार करें बोनसाई ?

वैसे तो भिन्न-भिन्न तकनीकों से बोनसाई को तैयार किया जाता है | लेकिन अगर घर में ही बोनसाई तैयार करना हो तो कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है | घर में रखे पौधों को समय-समय पर धूप दिखाना चाहिए | इन पौधों को सीधे धूप में नहीं रखना चाहिए | बोनसाई के जरिए कम जगह में ज्यादा पौधे रखने का सुख महसूस किया जा सकता है | बोनसाई के पौधे उगाने में थोड़ी मेहनत जरूर लगती है पर इससे दिल को बहुत सुकून मिलता है|

बोनसाई तैयार करने के लिए पुराने पेड़ों की कलम कर के उन को जमीन में लगाया जाता है | सालभर के बाद पौधे को जमीन से निकाल कर गमले में लगा दिया जाता हैं | खाद के रूप में सड़ी गोबर वाली खाद का प्रयोग बेहतर होता है| इसके ठीक एक साल बाद पतले तार के सहारे पौधे को आकार देने का काम शुरू किया जाता हैं| अब इसे किसी गमले या पौट में लगा दिया जाता है | मिट्टी में कोयले का चूरा, नीम की खली, हड्डी का चूरा वगैरह मिलाया मिलाई जाती हैं | हर पेड़ के लिए खाद की मात्रा अलग-अलग होती है| पौधे के तने को पाइप के सहारे खड़ा किया जाता हैं | धीरे-धीरे पौट में पौधा बड़ा होने लगता है | हर साल इसकी कटिंग की जाती है| जब पौधा पूरी तरह से मजबूत हो जाता है तो पाइप और तार अलग कर दिया जाता है | इसके बाद बड़ी सावधानी के साथ गमले या पौट की मिट्टी और दूसरी चीजों को बदला जाता है |

Subscribe to Our Newsletter

  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram