• Kanika Chauhan

उत्पाद की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है BIS Certification

जब कभी भी बात आती है सौर ऊर्जा की तो जाहिर सी बात है फोटोवोल्टिक (पीवी) आपके दिमाग में आते ही होगें। भारत उन कुछ चुनिंदा देशों में से एक हैं, जहां सौर ऊर्जा प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। इसके साथ ही भारतीय सौर बाजार में विकास के लिए जबरदस्त गुंजाइश भी मौजूद है। हालांकि, वह दो प्रमुख कारक जो भारत में सौर ऊर्जा के विकास को प्रभावित करते हैं, वह हमारे अनुसार हैं — उपभोक्ताओं के बीच सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकी के बारे में उचित ज्ञान का अभाव और भारतीय बाजार में ‘बहुत अच्छे गुणवत्ता नहीं’ वाले उत्पादों की पैठ है।


भारत में फोटोवोल्टिक बीआईएस प्रमाणन को आनिवार्य करने का कारण था सबसे अच्छी गुणवत्ता वाले फोटोवोल्टिक को लाना। यह हमारे लिए न केवल सूर्य के बारे में है बल्कि मौसम की स्थिति और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में भी सबसे उपयुक्त है।


बीआईएस प्रमाणन को भारत में शीर्ष गुणवत्ता वाले सौर पीवी परियोजनाओं को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था। यह केवल सूर्य के बारे में नहीं है, यह मौसम की स्थिति के बारे में भी है और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में हमारे लिए सबसे उपयुक्त है।


इसके लिए सबसे पहले समझने की जरूरत है कि फोटोवोल्टिक उत्पाद क्या है। फोटोवोल्टिक्स ( पीवी ) एक ऐसा शब्द है जो अर्धचालक पदार्थों का उपयोग करके बिजली में प्रकाश के रूपांतरण को शामिल करता है जो फोटोवोल्टिक प्रभाव, भौतिकी, फोटोकैमिस्ट्री और इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री में अध्ययन की गई एक घटना का प्रदर्शन करता है।


आज अपने इस लेख के माध्मय से हम जानेगें कि फोटोवोल्टिक उत्पादों को बीआईएस प्रमाण पत्र की आवश्यकता क्यों है।


नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के द्वारा अधिसूचित किया गया था कि सौर फोटोवोल्टिक, सिस्टम, उपकरण को बीआईएस के अनुसार सीआरएस (अनिवार्य पंजीकरण योजना) के तहत परीक्षण और प्रमाणित किया जाना चाहिए। उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए भारतीय बाजार में इन उत्पादों से पहले सोलर पैनल, स्टोरेज बैटरी और फोटोवोल्टिक इनवर्टर के निर्माताओं और आयातकों को संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रमाणीकरण दिया जाना चाहिए।


उत्पाद की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए औऱ भारतीय बाजार में उत्पाद को लाने से पहले देश की हर उस कंपनी को जो किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का आयात या निर्यात करती है उसको अपने सभी उत्पादों का बीआईएस प्रमाणन पंजीकृत करवाना अनिवार्य है।

इसके अलावा यह योजना मार्केट सर्विलांस के लिए भी कहती है जहां बीआईएस के अधिकृत प्रतिनिधि बाजार से उत्पाद चुनेंगे और इसके परीक्षण और सत्यापन के लिए नामित लैब में भेजेंगे।


फोटोवोल्टिक्स उत्पादों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणपत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक किसी भी उत्पाद के लिए उसका प्रमाणन बहुत महत्वपूर्ण कारक होता है, क्योंकि ये ही सुनिश्चित करता है की उत्पाद प्रदर्शन और सुरक्षा की न्यूनतम आवश्यकताओ की पूर्ति कर रहा हैं या नहीं।


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