• Kanika Chauhan

सपना..!!

कभी उसे भी मेरी सताती होगी, अपनी आंखों में मेरे ख्वाब सजाता होगा…

वो जो हर वक्त ख्यालों में बसा है मेरे, कभी तो मेरी भी यादों में खो जाता होगा…

वो जिसकी राह में पलकें बिछी रहती हैं मेरी, कभी मुझे भी अपने पास बुलाता होगा…

वो जो शामिल है मेरे गीत, मेरे नगमों में, कभी तनहाई में मुझे भी गुनगुनाता होगा…

जिस इजहार-ए-वफा को हर पल करना चाहूं, कभी इकरार तो वो भी करना चाहता होगा…

जिसके लिए मेरी रात कटती है करवट बदलते, कभी तो उसे भी नींद नहीं आती होगी…

आशु और गम सिर्फ मेरे नसीब है या फिर मेरी दूरी उसे भी यूं ही रूलाती होगी…

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