• Kanika Chauhan

मेरा यारा खुदा बन गया

आज फिर ये अचल मन , आसमान का रूख कर गया।

जाने कब कौन अजनबी, अपना बन गया।

माना था कुछ और ही, और वो कुछ और ही बन गया।

मेरा यारा मेरा साथी, अब मेरा खुदा बन गया।

जो कभी किसी को हसकर, देखता तक नहीं था।

आज वो मेरी जिंदगी का, आयना बन गया।

कल तक जो खडूस अकडू person था, जो लोगों के लिए गुस्से का, बम्पर offer था।

आज वो ही मेरी हसी की, वजह बन गया।

इक अजनबी आज मेरा, सच्चा यारा बन गया।

निभानी है हमे ये यारियाँ, जिन्दगीभर, उसके साथ बिताया हर इक पल, आज जिन्दगी का प्यारा सा हिस्सा बन गया।

मेरा यारा आज मेरा खुदा बन गया बैठे थे थामकर इस पागल चंचल मन को, मन को बांधे सोचा बांध रखा जीवन को।

ये कब से था बेताब, उडने को बादलों के पार।

इक पंछी की भाति वो, हवाओं को मुग्ध कर गया।

आज फिर ये अचल मन, आसमान का रूख कर गया।

इक प्यारा साथी इस मन को, बेरुखी कर गया।

थी जिसे कभी लडकियों से चीड़, आज वो ही इक लड़की का, सच्चा दोस्त बन गया।

बनेगा जो किसी का हमसफर, वो मेरा हमराही बन गया। किसी का हमराज मेरा मीत बन गया।

आज फिर ये अचल मन, आसमान का रुख कर गया।

#slider

2 views0 comments

Subscribe to Our Newsletter

  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram