• Kanika Chauhan

मोबाइल

ये “मोबाइल”… यों‌ ही हट्टा कट्टा नहीं हुआ है, इसने बहुत कुछ खाया पिया है।

मसलन… ये हाथ की घड़ियां खा गया ये चिट्ठी पत्रियां खा गया इसने रेडियो खा लिया टेप रिकॉर्डर, कैसेटें, कैमरे चबा गया ये टार्च लाइटें खा गया।

ये “मोबाइल” जो है कितना कुछ खा गया इसने सैकड़ों मिल की दूरियां पी हैं इस “मोबाइल” ने तन्हाइयां पी हैं… पड़ोसी की दोस्ती मेल मिलाप खा गया।

ये पैसे खा रहा है ये रिश्ते खा रहा है… ये लोगों की तंदूरूस्ती खा रहा है ये लोगों को रोगी बना रहा है।

ये “मोबाइल PHONE” यों‌ ही हट्टा कट्टा नहीं हुआ है, इसने बहुत कुछ खाया पिया है।।

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