• Kanika Chauhan

बस यही फर्क है पत्नी और प्रेमिका में

अक्सर पुरूष चकित रहते हैं कि प्रेमिका इतनी स्वीट और पत्नी इतनी खड़ूस क्यों होती है तो चलो आज इसी पर थोड़ी सी बात की जाए। बारिश में प्रेमिका को उधार की बाईक और रुपया मांगकर भी लांग ड्राइव पर ले जाते हो जबकि पत्नी के आते ही अमीर हो जाने पर भी उससे बारिश होने पर चाय पकौड़ी बनवाना ही याद आता है। कभी थकी हारी पत्नी न कह देती है तो तुम्हारे अहम को इतना चोट लगती है कि सुबह तक मुंह फुलाए घूमते हो जबकि प्रेमिका के आगे 365 दिन भी गिड़गिड़ाने पर कुछ़ हासिल नहीं हो तो भी संस्कार समझकर उस पर और प्यार लुटाते हो और डबल मनौव्वल शुरू कर देते हो।

प्रेमिका को गार्डन, रैस्टोरेंट, पब, रिसोर्ट सुंदर से सुंदर और खर्चीली जगह ले जाते हो और पत्नी के आते ही उसे मुंडन, जनेव, विवाह, पूजा-पाठ, बीमार की सेवा, श्रद्धांजलि सभा में सारी ज़िम्मेदारी निभाने के लिए ले जाते हो। प्रेमिका को सर से पाँव तक घूरते रहने में आँखें नहीं थकती और हर इंच और हर मौके के लिए शायराना कम्पलिमेन्टस् होता है और पत्नी के लिए शिकायत कितना देर लगाती हो तैयार होने में।

प्रेमिका का फ़ोन चौबीस घंटे में चौबीस बार भी आए तो वो केयर लगता है जबकि दिन में पत्नी का दो बार किया गया फ़ोन भी इन्क्वायरी लगने लगता है। अपने भले अपने माँ-बाप की सेवा नहीं की होगी लेकिन पत्नी से यही उम्मीद होती है कि वो चौबीस घंटे में से अड़तालीस घंटे उसके पूरे परिवार के सेवा में गुजरे।

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