• Kanika Chauhan

चाऊमीन की चटनी बनी बच्चों के फेफड़ों की दुश्मन

चाऊमीन मोमोज पूरे देश और विदेश में बड़े चाव से खाई जाती है। इस पर साथ मिलती है एक चटपटी चटनी, जो आमतौर पर टमाटर ,अदरक ,मिर्च आदि के मिश्रण से बनती है। लेकिन उस चटपटे चटनी के गुलाम बनाने के लिए उस में डाला जाता है जानलेवा एसिड। हरियाणा के यमुनानगर में सड़क किनारे चाउमीन खाने से 3 साल के बच्चे के फेफड़े फट गई। सुनने में अजीब और देश में यह पहला ऐसा केस सामने आया है। जहां बच्चा चाउमीन में डालने वाली चटनी खाने से बीमार हो गया।

दरअसल चटनी में‌ एसिटिक एसिड था जिससे बच्चे का शरीर जल गया और फेफड़े खराब हो गए।बच्चे को जब अस्पताल लाया गया तो उसके शरीर काला पड़ चुका था। उस समय उसका ब्लड प्रेशर भी लगभग शून्य के करीब था। डॉक्टरों ने बताया कि सांस लेने की तकलीफ के दौरान जोर जोर से फेफड़ों पर दबाव आया जिससे फेफड़ों में छेद हो गया है। दोनों फेफड़े फट जाने की पुष्टि बाद में एक्स-रे से हुई। बच्चे के पिता के अनुसार बेटे ने रोड पर चाउमीन खाने की जिद करी, और खाते वक्त चटनी ज्यादा खाली। जिसके बाद भी बच्चे की तबीयत में गड़बड़ी शुरू हो गई। इलाज के दौरान तीन बार ऐसा मौका आया जब बच्चे के दिल ने काम करना बंद कर। बच्चा करीब 16 दिन तक वेंटिलेटर पर रहा। डॉक्टर ने बड़ी मुश्किल से बच्चे की जान बचाई। बात यह भी सामने आई है कि बच्चे के पिता मंजूर ने चाऊमीन खाते समय थोड़ी सी चटनी हाथ पर लगाई थी, चटनी लगाते ही उनके हाथ मैं जलन होने लगी।

इस पूरे मामले पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निखिल ने बताया कि जब बच्चा हमारे पास आया था तब उसका बीपी डाउन था और नब्ज भी नहीं मिल रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार स्वाद को बढ़ाने के लिए कई चाउमीन और मोमोज विक्रेता चटनी में एसिटिक एसिड मिला देते हैं। यहां एसिड सेहत के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। यह स्वाद तो बढ़ाते हैं, लेकिन शरीर के लिए मानो विश का काम कर रहा हैं। यही नहीं स्वाद बढ़ाने के लिए गोलगप्पे के पानी में भी ऐसे ही एसिटिक एसिड का इस्तेमाल होता है। देश में चटनी खाने से फेफड़े फटने का यह पहला केस सामने आया है, लेकिन यमुनानगर का यह मामले ने चाव से खाने वाले फास्ट फूड पर एक प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।

#slider

0 views

Subscribe to Our Newsletter

  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram