• Kanika Chauhan

गर्मी में वाटर वर्कआउट देगा सेहत के साथ ठंडक भी

आपको भले ही पानी में तैरना, सर्फिंग करना या डाइविंग करना पसंद हो या न हो लकिन यह एक एक्टिविटी जरूर है जो आपके शरीर में फुर्ती बनाए रखती है। और इन गर्मियों में आपके लिए एक ट्रीट भी हो सकती है। आप इसे वाटर वर्कआउट कहें या एक्व्टिक थेरेपी।

गर्मी के मौसम में यह वर्कआउट का एक शानदार तरीका है। वाटर एक्सरसाइज कई लेवल पर काम करता है। फिर चाहे आप कैलरी ही बर्न क्यों न करते हो, तब भी यह शरीर को मजबूत बनाए रखने के साथ ही रिपयेर करने का काम भी करता है।

अगर आपको तैरना नहीं आता है तो भी चिंता न करें। वाटर एक्सरसाइज के लिए आपको स्विमिंग स्किल्स की जरूरत नहीं है। अब आप सोच रहें होगें तो पानी से जुड़ी इस चीज में ऐसा क्या है, जो रेगुलर एक्सरसाइज की तरह फायदेमंद है? आइए जानते हैं…

आइए सबसे पहले यह जानते है कि वाटर वर्कआउट क्या है। कई लोग यह सोचकर पानी में उतरने से झिझकते हैं कि वे तैरना नहीं जानते। ठीक है, लेकिन पानी में एक्सरसाइज करने के लिए आपको स्विमर होने की जरूरत नहीं है।

होलिस्टिक फिटनेस एक्सपर्ट की माने तो वाटर वर्कआउट वास्तव में, एक उथले या शैलो पूल में किया जाता है। जिसमे पानी आपकी केवल छाती तक ही होता है जो आपके डेली रुटींन को माजेदार बना देगा खास कर की इस चिलचिलाती धूप में आपको ठंडक का अहसास करा देगा।

संभावित विकल्पों में लो इंटेस्टिटी वाले वाटर एरोबिक्स, मसल्स को मजबूत करने वाली क्लासेस, या वो जिसमें डांस, योग या पाइलेट्स भी शामिल होता है।

अगर आपके पास अपना पूल नहीं है, तो आप एक्वा ज़ुम्बा सेशन, वॉटर साइकलिंग क्लास या कुछ अच्छे पुराने एक्वा एरोबिक्स लेने के बारे में सोच सकतें हैं।

वाटर वर्कआउट के फायदे

पानी स्वाभाविक रूप से आपकी मसल्स को एक्स्ट्रा रेजिस्टेंस देता है, यह उन कारणों में से एक है जो बताते हैं कि स्विमिंग एक बेहतरीन स्ट्रेंथ बिल्डिंग वर्कआउट है। यह आपके दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं और निश्चित रूप से, आपके जॉइंट्स के लिए भी आसान है। पानी में एक तरह से उछाल की प्रवृति होती है। यह आपके महसूस करने और अपने वजन को अनुभव करने के तरीके को बताता है।

क्योंकि पानी में आपके शरीर का वजन, जमीन पर वजन का लगभग 1/10 वां हिस्सा है, इसलिए पानी में एक्सरसाइज करना आसान है। यह उछाल ग्रेविटी के प्रभाव को कम करने में मदद करता है और आपके जोड़ों पर दबाव को घटाता है। पानी हवा की तुलना में 600-700 गुना अधिक प्रतिरोधी है और यह कमजोर मसल्स को मजबूत करने में मददगार है।

लोग जमीन पर एक्सरसाइज करने से अधिक वाटर बेस्ड एक्सरसाइज को इंजॉय करने की बात कहते हैं। वे अपने जोड़ों या मांसपेशियों में बिना दर्द या बिना अतिरिक्त प्रयास के जमीन की तुलना में पानी में लंबे समय तक एक्सरसाइज कर सकते हैं।

इसके अलावा, गुनगुना पानी गले और तंग मांसपेशियों को ब्लड सप्लाई बढ़ाकर आपको आराम करने में मदद करता है, जिससे दर्द कम होता है। अंत में, पानी का समान दबाव शरीर को सपोर्ट करता है और संतुलन में सुधार करने में मदद करता है।

किसके लिए है वाटर वर्कआउट?

उससे शुरू करते हैं जिसके बारे में सबसे अधिक बात होती है.।वाटर एक्सरसाइज हार्ट की हेल्थ की लिए बहुत बेहतर हैं। यह कभी-कभी हार्ट रिहैबिलिटेशन के हिस्से के रूप में पेश किया जाता है। जो हार्ट पेशेंट को ठीक होने और सेफ एक्सरसाइज करने में मदद करता है।

सावधानियां:

हमेशा एक्सपर्ट की निगरानी में वर्कआउट करें।

अगर आपको चक्कर आते हैं, तो सेफ रहें, और जब आप पानी में हों तो बहुत भारी सांस लेने वाले वर्कआउट न करें।

अगर आपको हाई बल्ड प्रेशर है, तो वाटर एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर से सलाह करें।

अगर आपको वाटर रिटेंशन (हाथ-पैर सूज जाना, चकत्ते हो जाना) है, तो पानी में बहुत लंबे समय तक रहना ठीक नहीं है।

अपनी त्वचा को नुकसान से बचाने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।

जब बहुत तेज धूप हो, तब एक्सरसाइज करने से बचें. सुबह या शाम का समय चुनें।

अगर आपको एलर्जी या इंफेक्शन है, तो पानी से ये बढ़ सकता है।

इसके अलावा, बाकी सब बिल्कुल ठीक और सुरक्षित है। तो इस गर्मी में अपने स्विमिंग सूट को बाहर निकाल ही लिजिए।

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