• Kanika Chauhan

‘गरीबों का ताजमहल’

आपके साथ भी कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा कि किसी चीज को देख कर किसी दूसरी चीज की याद आई होगी…या किसी बात को सुन कर कोई और बात आपके जहन में आई हो या फिर ये भी शायद हुआ हो कि किसी जगह को देखकर कोई दूसरी जगह की याद आ गई हो…. भई मेरे साथ तो ऐसा कई बार हुआ है कि एक चीज दूसरी बात याद दिला देती है। आज शायद आपको भी किछ ऐसा याद आ जाए। महाराष्ट्र के औंरगाबाद में बीबी का मकबरा, जिसे देखकर आपको लगेगा कि आप आगरा का ताजमहल देख रहे हैं। आपको बता दें कि बीबी के मकबरे को महाराष्ट्र का ताजमहल भी कहा जाता है।

शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज के लिए आगरा में ताजमहल बनवाया था, तो वही औरंगजेब के बेटे और शाहजहां के पोते आजम शाह ने ताजमहल से प्रेरित होकर अपनी मां दिलरास बानो बेगम की याद में बीबी का मकबरा बनवाया। इसका निर्माण 1651 से 1661 ईसवीं के बीच करवाया गया था। इसे देश का दूसरा ताजमहल भी कहते हैं।

ताजमहल को बनवाने में जहां 3.20 करोड़ रुपए लगे थे तो वहीं बीबी का मकबरा 700,000 रुपए में बन कर तैयार हो गया था। यही वजह है कि बीबी के मकबरा को ‘गरीबों का ताजमहल’ भी कहते हैं। आगरा के ताजमहल को शुद्ध सफेद संगमरमर से बनवाया गया था, वहीं बीबी का मकबरा का गुम्बद संगमरमर से बनवाया गया था। मकबरा का बाकी हिस्सा प्लास्टर से तैयार किया गया है, ताकि वह दिखने में संगमरमर जैसा हो। बीबी का मकबरा में सुंदर गार्डन, पॉन्ड्स, फव्वारे, झरने से आप उसकी सुदंरता का अनुभव कर सकते हैं। यहां पर अच्छा खासा पाथ-वे है और इसके गार्डन की दीवारें भी ऊंची बनाई गई हैं ताकि बाहर का व्यक्ति अंदर न देख सके। इसके तीन साइड में ओपन पवेलियन है।

अगर आप भी गरीबों के ताजमहल को देखना चाहते है तो आपको बता दें कि आप औरंगाबाद गर्मी के दिनों में बिल्कुल न जाएं। गर्मियों के मौसम में यहां का वातावरण बेहद गर्म और शरीर को थका देने वाला होता है। इस शहर को घूमने का बेस्ट‍ मौसम सर्दियों का है। इस दौरान यहां का न्यूइनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहता है। अक्टूबर से मार्च तक यहां बड़ी तादाद में लोग घूमने आते हैं। वहीं आप यहां मानसून में भी घूम सकते हैं।

#slider

0 views

Subscribe to Our Newsletter

  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram