• Kanika Chauhan

क्या करें जब पति हर बात पर करें आपको CRITICIZE

समझदार लोग सही Criticize को सही तरीके से लेते हैं, लेकिन यदि हर वक्त किसी की Criticize किया जाए तो इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगा जाता है और उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है.

अंकिता को ही लीजिए. वह पढ़ी-लिखी है. अपने प्रोफेशनल कैरियर में Successful भी है. बाहर हर कोई उसकी तारीफ करता है, पर पति के आगे वह बिलकुल विवश महसूस करती है. रिश्तेदार, पड़ोसी, कुलीग या फिर सहेलियां सभी में वह Popular है, मगर पति राघव को उसमें केवल कमियां ही नजर आती हैं और वे हर समय उसकी Criticize करते रहते हैं. उसके हर काम में मीनमेख निकालना और टिप्पणी करना मानो राघव की आदत बन गई हो. 

उसके तौर-तरीके Lifestyle यहां तक कि Dress Sense को लेकर भी राघव हमेशा उसे ताने देता रहता है. अंकिता कई बार तो उसे जवाब दे देती है पर अकसर कुढ़ कर रह जाती है. उसे समझ नहीं आता कि आखिर राघव की प्रॉब्लम क्या है.

क्या हमेशा किसी को Criticize करना एक तरह का Mental Disorder (मनोविकार) है?

जी हां बिल्कुल है. यदि आप हर वक्त किसी में कमी निकालने रहते हैं तो इसका संबंध आपकी मनोवैज्ञानिक स्थिति से है. कमी हर किसी में होती है, क्योंकि कोई भी Perfect नहीं होता और वैवाहिक रिश्ते में एक-दूसरे की अच्छाई-बुराई दोनों को अपनाना जरूरी होता है. Psychologist Hema Pandey मानती  हैं कि मीनमेख या कमियां निकालने की आदत एक मनोविकार है. पति में तो कमियां हो सकती हैं, पर अगर पत्नी उसकी कमियां बताएं तो तो पति भड़क उठते हैं या घर में कलह शुरू हो जाती है.

कई बार अपने Inferiority Complex को छुपाने के लिए भी पति  Criticizeकरतेहैं. उन्हें लगता है इस तरह वे पत्नी की कमी निकालकर या उसके हर काम में नुक्स निकालकर उस पर हावी हो सकते हैं. पत्नी उनसे बेहतर है, यह सोच ही उन्हें परेशान करती है और वे बेवजह उसके हर काम में मीनमेख निकालते रहते हैं. कभी खाने में नमक ज्यादा है तो कभी कपड़े साफ नहीं धुले हैं या फिर टाइम पर खाना नहीं मिला, या बच्चों की देखभाल करने में वह असमर्थ है. इस मनोविकार को जाने में समय लगता है और पत्नी को ही धैर्य रखना पड़ता है.

क्या करें जब पति हर बात में करें आपको Criticize 

  1. Ignore करना सीख लें. पति को अगर मीनमेख करने की आदत है तो सबसे पहले खुद Depression पर जाने या सारे दिन Irritate रहने के बजाय उनकी बातों को इग्नोर करना सीखें.

  2. यदि आप सही हैं तो व्यर्थ की बातों से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है.  खुद को Emotionally Strong बनाएं तथा पति को ठंडे दिमाग से उनकी इस आदत के बारे में बताएं.

  3. पलट कर उनके नुक्स निकालने से वे Defensive हो जाएंगे और आपमें और मीनमेख निकालने लगेंगे. कई पुरुष पत्नी को अपने सामने कुछ नहीं समझते हैं और बच्चों व दूसरों के सामने उन्हें बेइज्जत करने से बाज नहीं आते. पत्नी भले ही उनसे अधिक योग्य हो या ज्यादा कमाती हो, पर पुरुष उसे यथोचित सम्मान नहीं देते.

  4. बेहतर होगा कि Self-Pity का शिकार न बनें कि आखिर ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है? पति मुझमें कमियां क्यों निकालते हैं? सब मिल कर मेरे लिए सिर्फ समस्याएं ही क्यों बढ़ाते हैं? हर बार सिर्फ मैं ही क्यों झुकूं?

  5. यह सब सोचते ही आप स्वयं को बेचारी या अबला महिला की श्रेणी में ला रखती हैं. पति को उस वक्त समझाएं जब वह खुश हों. उनकी तारीफ करते हुए कहें कि आप भी अपनी तारीफ सुनना पसंद करती हैं.

पतियों के लिए सुझाव

  1. पत्नी को इस तरह आप जता सकते हैं कि आपको उनके काम की कद्र है. पत्नी के प्रति नजरिए में बदलाव लाएं. उनकी अच्छाईयों को देखें.

  2. पत्नी से ऊंची आवाज में बात करना या छोटी- छोटी बातों पर झल्लाए या डांटें नहीं. उनके व्यक्तित्व का सम्मान करें. 

  3. पत्नी भी आप ही की तरह प्यार व सम्मान की हकदार है. पत्नी की हैसियत भी आप ही के समान है, इस बात को घुट्टी की तरह पी लें.

  4. अच्छा यही होगा कि पति भी इग्नोर करना सीखे. पत्नी के काम में दखलअंदाजी करने के बजाय उसे सहयोग दें. उसके काम में हाथ बंटाएं.

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