• Kanika Chauhan

अगर आप भी मां बनने वाली है तो न खाएं ये सब..!!

मां बनना सभी महिलाओं के लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी में से एक है। ऐसे में यह भी जरूरी है कि आप अपने खाने-पीने का खास ख्याल रखें। गर्भावस्था के दौरान आपकी बेली में एस्ट्रोजेन हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर आपके  बच्चे को ऑटिस्टिक यानी की अपने ही विचारों में खोया हुआ बना सकता है।

एस्ट्रोजेन हार्मोन आपकी बॉडी में प्राकृतिक रूप से उत्पादित होते हैं और यह आपकी प्रजनन प्रणाली को प्रबंधित करते हैं। एस्ट्रोजेन आपकी हड्डियों को सुरक्षित भी रखने का काम करते हैं और चोट के बाद त्वचा के उभरने में मदद करते हैं।

अगर आपके शरीर में एस्ट्रोजेन का जरूरी स्तर कम हो जाता है तो आपको गर्मी, योनि का सूखापन, ठंड लगना, सोने में कठिनाई और जरूरत से ज्यादा पसीना आएगा। हालांकि जब इसका स्तर ज्यादा हो जाएगा तो आपको ब्लोटिंग, यौन इच्छा में कमी, मूड में बदलाव, स्तन में सूज और सिर दर्द जैसी समस्याओं से गुजरा होगा। इसका बढ़ा हुआ स्तर संभावित रूप से खून के थक्के, कैंसर, जन्मजात दिक्कतें और स्तन ऊतकों में दिक्कत होना शुरू हो जाएगा।

अगर आप अपेक्षा कर रही हैं और आपके गर्भ में एस्ट्रोजेन का स्तर अधिक है तो आपको कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए ताकि बच्चे को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

अलसी के बीज (Flaxseeds)

हालांकि अलसी के बीज को अच्छा माना जाता है क्योंकि ये आपकी बॉडी में कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम रखने में मदद करता है और ये एस्ट्रोजेन से भरे होते हैं।

सोया (Soya)

आइसोफ्लेवोन्स से भरपूर होने के कारण सोया उत्पाद महिलाओं में एस्ट्रोजेन के स्तर को बढ़ाते हैं।

स्ट्रॉबेरी (Strawberries)

स्ट्रॉबेरी को फाइटोएस्ट्रोजेन से युक्त माना जाता है, जिनका अधिक सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है।

नट्स (Nuts)

ये फूड महिलाओं के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं और डॉक्टर महिलाओं को ये खाने की सलाह देते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान नट्स खाने से आपका एस्ट्रोजेन स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है।

रेड वाइन (Red wine)

रेड वाइन फाइटोएस्ट्रोजेन से भरपूर होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को रेड वाइन से दूर रहना चाहिए।

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